Thursday, November 21, 2019

मैं भी दिल्ली मेट्रो मे सफर करता हूँ ..मेट्रो मे 2% से 3% कपल को छोड़ दिया जाये तो ज़्यादातर कपल ऐसी कोई हद मेट्रो मे पार नही करते जो अश्लीलता मे आती है ...

सबसे पहले मैं ये साफ कर देना चाहता हूँ कि मैं किसी भी तरह की अश्लीलता और घटियापन को बिलकुल भी पसंद नहीं करता और मैं इसका घोर विरोधी हूँ, हालांकि जगह के हिसाब से अश्लीलता की परिभाषा तय होती है। लेकिन मैं ये भी बताना चाहता हूँ की मेट्रो सिटी मे कपल का एक दुसरे का हाथ पकड कर चलना, एक दुसरे के कंन्धे पर सिर रखना, एक दुसरे से मिलने या अलग होने पर हाथ मिलाना या गले मिलना या कपल का कभी कभी एक दुसरे के माथे को चुमना(जो कामुक ना हो) सामान्य बात है, कानूनन मेट्रो सिटी मे ये सभी अश्लीलता के दायरे मे नही आते है ये एक दुसरे के प्रति अपने प्यार की अभिव्यकती है बुजूर्गो और आम लोगो को भी ये बात समझना चाहिये, और साथ मे हर कपल को भी अपनी मर्यादा का ख्याल रखना चाहिए की उनके द्वारा किसी भी तरह की अश्लीलता ना हो l  

लेकिन इस विडियो वाले केस मे ये साफ नही है की यहाँ किसी तरह की कोई अश्लीलता हुई है या नही, हो सकता है उस लडका और लड़की ने ऐसी कोई हरकत की हो जो उस महिला को गलत या अश्लील लगा हो, जिसका उस महिला ने विरोध किया है, और ये बहोत अच्छी बात है ऐसी अश्लील हरकतो का विरोध सभी को करना चाहिए l लेकिन इस विरोध मे हम सब ये क्यो भूल जाते है कि विरोध करने का भी एक सही तरीका होता है उस लड़की और उस लड़के ने जो गलती की उन्हे उनकी गलती से ज़्यादा बडी सजा मिली है, उस औरत को उस लड़के को भी विडिओ बनाने से रोकना चाहिये था जिसने ये सब अपने मोबाइल मे रिकार्ड किया और उस लड़के को भी इतनी तमीज होनी चाहिये थी की वो ये विड़ीयो बनाकर वायरल न करे l शर्म आनी चाहिये ऐसे लोगो को जो दूसरो को नेतिकता का पाठ पढ़ाते है और खुद अपनी मर्यादा भूल जाते है l 

क्या उस महिला या उस लड़के ने ये सोचा की इस विड़ीयो की वजह से उस लड़की और उस लड़के को कितनी परेशानियो का सामना करना पढ़ेगा, अब हर कोई उस लड़की को गलत नजरिये से देखेगा, लोग उसे चरित्रहीन कहेंगे, अब लड़को को उस लड़की पर खुलकर कमेंट करने का अधिकार मिल जायेगा, उस लड़की की पढ़ाई मे दिक्कते आनी शुरू हो जायेगी, कुछ महीनो तक उसका घर से बाहर निकलना बंद हो जायेगा, भविष्य में शादी मे समस्या आ सकती है और वो इन सब चीजो से निकल भी गई तो समय समय पर उसे इस घटना की याद दिलाने वाले लोग और उसे चरित्रहीन कहने वाले लोग मिल ही जायेंगे, उस लड़की के माता-पिता और भाई-बहन भी कुछ ऐसी ही समस्या का सामना करेंगे, उस महिला और उस विड़ीयो बनाने वाले लड़के ने ताउम्र के लिए उस लड़की का चरित्रहनन कर दिया, अफसोस उस महान औरत और उस केमरा मैन लड़के को ये एहसास भी नही होगा, अगर कानून मे अश्लीलता अपराध है तो किसी लड़की का विडियो बनाकर वायरल करना उससे भी बड़ा अपराध है जिससे किसी लड़की या लड़के का पूरा जीवन बरबाद हो जाये, इस विड़ियो को बनाने वाले पर fir होनी चाहिये l 

सार्वजनिक जगहों पर अश्लील हरकत को कानून में परिभाषित किया गया है। आईपीसी की धारा-294 के तहत इसके लिए कार्रवाई का प्रावधान किया गया है।अगर कोई शख्स अश्लील हरकत करता है और इस कारण किसी की भावनाएं आहत होती है तो वह पुलिस से इसकी शिकायत कर सकता है। पुलिस को भी यह देखना होता है कि समाज के परिवेश के हिसाब से कपल या फिर किसी और की हरकत अश्लीलता के दायरे में आती है या नहीं। अगर सार्वजनिक जगह पर कोई अश्लीलता करता है और अपनी हदें पार करता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई हो सकती है।

हालांकि जगह के हिसाब से अश्लीलता की परिभाषा तय होती है। अगर किसी छोटे शहर अथवा गांव में कपल बांहों में बांहें डालकर चलते हैं या फिर एक दूसरे को गले लगाते हैं या माथे को चुमते है तो लोगों को इससे आपत्ति हो सकती है लेकिन वहीं मेट्रो सिटी, अन्य बड़े सिटी या गोवा आदि इलाके में अगर कपल एक दूसरे को हग करते हैं गाल या माथे पर किस करते है (जो कामुक ना हो ) तो वह अश्लीलता के दायरे से बाहर है।
अगर फिर भी सार्वजनिक जगह पर कोई कपल अश्लीलता करता है या अपनी हदे पार करता है तो इसकी शिकायत की जा सकती है। ऐसी हरकत करने वालों के खिलाफ आईपीसी की धारा-294 के तहत कार्रवाई हो सकती है। इस मामले में दोषी पाए जाने पर 3 महीने तक कैद की सजा का प्रावधान है।

वही दूसरी ओर अगर कोई कपल पार्क मे , कार मे या किसी अन्य जगह पर बैठे हुए है और एक-दूसरे से बातचीत में मशगूल है, हसी मजाक कर रहे है तो कोई आम नागरिक सिर्फ यह अवधारणा बनाकर कि वह गलत हरकत कर सकता है, उस पर आरोप नही लगा सकता और ना ही पुलिस अवधारणा के आधार पर कोई कार्रवाई कर सकती है।

संविधान के अनुच्छेद-21 का दायरा काफी बड़ा है। इस अनुच्छेद के तहत हर नागरिक को लाइफ ऐंड लिबर्टी का मूल अधिकार मिला हुआ है। इसका मतलब साफ है कि हर शख्स को यह अधिकार है कि वह अपनी मर्जी से जिंदगी का निर्वाह कर सकता है। कपल जो बालिग हैं, अपनी मर्जी से एक साथ घूम सकते हैं, साथ रह सकते हैं और चाहें तो शादी कर सकते हैं।

विचारक :- धर्मवीर ठाकुर

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